कूड़ा– यह शब्द हम अक्सर अपनी रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में सुन्न तो रहे हैं पर ध्यान नहीं दे रहे | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत करके, एक नयी सोच को जन्म दिया | इससे पहले किसी भी सरकार ने स्वछता को लेके इतनी गंभीरता से कोई भी तोस कदम नहीं लिया | स्वच्छ भारत मिशन हम सब देशवासियों के लिए एक अवसर है, जिसको हमे दोनों हाथों से लपकना है और एक स्वर्णिम, स्वस्थ और खुशाल भारत का निर्माण करना है | हम सबको मिलके श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार का साथ देना है |

लेट्स टॉक वेस्ट (lets talk waste) एक ऐसा ही अभियान है जो हरी-कमल फाउंडेशन फॉर पालिसी रिसर्च ने शुरू किया है | देहरादून, हमेशा से अपने हरित एवं स्वस्थ वातावरण के लिए जाना गया है, परन्तु बड़ते शेह्रीकरण के कारण आज देहरादून में प्रदूषण और कूड़े की एक विशाल समस्या है | देहरादूनवासी और सरकार, दोनों ही इस कचड़े की समस्या को लेके तंग और बेबस नज़र आ रहे हैं | रोड के किनारे कचड़े का ढेर, नालियों में सड़ता कचड़ा, जलता हुआ कचड़ा यह सब कुछ गंभीर मसले हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है | नगर निगम भी अभी तक कुछ तोस कर पाने में असफल रहा है |

इसके कई कारण है | डोर टू डोर कचड़े की सुविधा न होना, कूड़े के मसलों को लेके कम जागरूकता, एक संगठित कूड़ा घर न होना यह सब कुछ प्रमुख कारण हैं | कूड़े को आग लगाने की पूरे देहरादून में एक प्रथा सी जो चली आ रही है, उससे वातावरण व् लोगों के स्वास्थ को काफी नुक्सान हो रहा है | फैलती बदबू और भिनभिनाती मक्खियों ने देहरादून के लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है | रोजाना ३००० मेट्रिक टन कूड़ा पूरे उत्तरखंड से उत्पन्न हो रहा है | इसमें से सिर्फ 50% कूड़े का ही पूरे वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जा रहा है | करीब करीब 60% शहरों में (उत्तराखंड के) वैज्ञानिक तरीके से कूड़े को निपटाने की लिए ज़रूरी आधारिक संरचना मौजूद नहीं है | देहरादून में सफाई कर्मचारियों की स्थिति भी काफी दयनीय है | आये दिन उनके शोषण की खाब्रिएँ मीडिया में आती रहती हैं |

यह अभियान (लेट्स टॉक वेस्ट) कूड़े की बढ़ती समस्या को नियंत्रण में लाने की लिए ही शुरू किया जा रहा है | लोगों की जागरूकता, सरकार की मदद, सफाई कर्मचारियों का शोषण रोकने पर ही यह अभियान देहरादून महानगर में शुरू होने जा रहा है | इस अभियान में फाउंडेशन स्कूल के बच्चों से लेकर पॉश कॉलोनी में रहने वाले वासियों को जागरूक करेगा | इसके अलावा फाउंडेशन कूड़े के विभन्न मामलों  पर कांफ्रेंस, डिस्कशन और श्रमता निर्माण पर ध्यान देगा |

इस अभियान की सबसे खास बात यह है की यह सोशल मीडिया का भी भरपूर उपगोग करेगा | फाउंडेशन इस अभियान के जरिए नए और इनोवेटिव तरीकों से अपने उद्देश को पूरा करेगा और लोगों के बीच अपनी बात को रखेगा | फाउंडेशन का मुख्य उद्देश इस अभियान को शुरू करने की पीछे सिर्फ इतना है की अगर सब एकजुट होक इस कूड़े की समस्या से लड़े तो देहरादून को साफ़ और स्वच्छ बनाने से कोई नहीं रोक सकता | फाउंडेशन की लोगों से अपील है की सरकार को दोष देना बंद करना होगा और खुद छोटे छोटे लेकिन एहम प्रयास करने होंगे |

ऋषभ श्रीवास्तव

अध्यक्ष (हरी-कमल फाउंडेशन फॉर पालिसी रिसर्च)

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